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Srijan's Diary

Sukirti Madhav's Blog

Sociology Booklist and Strategies

Below is my booklist and strategies for sociology optional.  The booklist for paper II seems little longer but it is to be remembered that only selected chapters are to be read from each book (as per the syllabus). PAPER I:... Continue Reading →

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मैं खाकी हूँ।

दिन हूँ, रात हूँ, सांझ वाली बाती हूं, मैं खाकी हूँ। आंधी में, तूफ़ान में, होली में, रमजान में, देश के सम्मान में, अडिग कर्तव्यों की, अविचल परिपाटी हूँ, मैं खाकी हूँ। तैयार हूँ मैं हमेशा ही, तेज धूप और... Continue Reading →

डायरी के पन्ने

  कुछ बीते पल की यादें .... 28/08/16, 'greyhounds'अटैचमेंट के दौरान, किसी पहाड़ी पे..  जंगल अटैचमेंट खतम होने वाला है | अभी शाम है, चांद उग चुका है और वक्त का पहिया धीरे घूमता सा प्रतीत हो रहा है | चार... Continue Reading →

A Hope Amidst

When happiness fills your heart, When it starts raining, and a windy breeze. . Thinking of some words, which were never said, and getting perplexed. Thinking of someone, you hold very dear, and lipping the song, You want to dedicate.... Continue Reading →

शुरूआत तो कर

ऐ दिल मेरी इल्तिजा तू सुन, मुकम्मल हो ना हो तू ख़ाब बुन। आंखें खोल दिवा स्वप्न देख, आने वाली कामयाबी का जश्न देख। मंजिल ही नहीं सिर्फ, राहों से भी तू कर यारी। दिल में एक हूक जगा, अब... Continue Reading →

ऎ.सी. कोच

अचानक से नींद टूट गई थी । सपना था कोई । सपने को याद करने की काफी कोशिश की पर याद नहीं आया । ये सपने भी अजीब होते हैं -यही सोच रहा था माधो । कुछ देर पहले तक... Continue Reading →

सोच रहा हूँ क्या लिखूं.!

सोच रहा हूँ क्या लिखूं, बचपन बेबाक लिखूं या सिर्फ सुनहरी याद लिखूं, साज़ और सार लिखूं, कुछ बीते पल तम्यतार लिखूं, जो थे संजोये वो सपने लिखूं, सोचा जो होंगे वो कभी अपने लिखूं, जो थीं जेबें वो खiली... Continue Reading →

परिवर्तन

है सबसे बड़ा सत्य ये परिवर्तन जैसे आना सुबह का अँधेरी रात के बाद. जो न हो पता तुम्हें कि आती है, प्यारी एक सुबह, अँधेरी रात के बाद, तो शायद कभी सोच न पाओगे, कि इस अँधेरे का भी... Continue Reading →

पगडंडीयां

ये छूटती पगडंडीयां , ये भागती पगडंडीयां, शहरी चकाचौंध में गुम होती ये पगडंडीयां ! सन्नाटे के चीखों के बियाबान में , दिखते सितारे जहाँ साफ़ आसमान में, उन कंकड़ीले पथरीले हिचकोले भरे सफ़र में, चुपचाप खामोश साथ निभाती ये... Continue Reading →

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